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Acharya Siyaramdas

हनुमान जी

वरमुद्राधरं देवं कपीशं  शत्रुनाशकम् । सुप्रसन्नमहं वन्दे जानकीजानिवासकम् ।। 

 वरमुद्रा से युक्त, शत्रुओं का संहार करने वाले, जानकीरमण के निवास स्थान अर्थात् उन्हें सदा हृदय में धारण करने वाले प्रसन्नमुख परमदेव हनुमान् जी की मैं वन्दना करता हूँ ।

 जय श्रीराम

 #आचार्यसियारामदासनैयायिक

 

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आचार्य सियारामदास नैयायिक
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आचार्य जी के बारे में

आचार्य सियारामदास नैयायिक

जीवनवृत्त--

नाम- आचार्य सियारामदास नैयायिक

जन्मतिथि ---1/10/1967

लिंग- पुरुष

आश्रम- सन्न्यास

गुरुदेव----- महान्त श्रीनृत्यगोपालदास शास्त्री

अध्यक्ष---श्रीरामजन्मभूमिन्यास समिति

श्रीमणिरामदासछावनी सेवाट्रस्ट, अयोध्या,फैजाबाद, उत्तर प्रदेश,भारत ।

>>>>>>>> शैक्षणिक योग्यता<<<<<<<<<<

न्यायाचार्य---सन् 1989

वेदान्ताचार्य--सन् 1992

स्वतन्त्र अध्ययन ----नव्य व्याकरण, साहित्य, पूर्वमीमांसा,आदि

अध्ययन सान्निध्य--अयोध्या में -- श्रीरामदुलारे शुक्ल, श्

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