Supportntest
Acharya Siyaramdas

व्यापारान्तरमुत्सृज्य वीक्षमाणो वधूर्मुखम् । यो गृहेष्वेव निद्राति दरिद्राति स दुर्मतिः ।।
जो अन्य कार्यों को छोड़कर केवल पत्नी का मुख ही देखते हुए घर में ही सोता रहता है । वह दुर्मति दरिद्र हो जाता
है ।-जय श्रीराम

Acharya Siyaramdas
आचार्य सियारामदास नैयायिक
Acharya Siyaramdas
आचार्य जी के बारे में

आचार्य सियारामदास नैयायिक

जीवनवृत्त--

नाम- आचार्य सियारामदास नैयायिक

जन्मतिथि ---1/10/1967

लिंग- पुरुष

आश्रम- सन्न्यास

गुरुदेव----- महान्त श्रीनृत्यगोपालदास शास्त्री

अध्यक्ष---श्रीरामजन्मभूमिन्यास समिति

श्रीमणिरामदासछावनी सेवाट्रस्ट, अयोध्या,फैजाबाद, उत्तर प्रदेश,भारत ।

>>>>>>>> शैक्षणिक योग्यता<<<<<<<<<<

न्यायाचार्य---सन् 1989

वेदान्ताचार्य--सन् 1992

स्वतन्त्र अध्ययन ----नव्य व्याकरण, साहित्य, पूर्वमीमांसा,आदि

अध्ययन सान्निध्य--अयोध्या में -- श्रीरामदुलारे शुक्ल, श्

और पढ़ें
  • नवीनतम लेख

  • खोज



  • नवीनतम ब्लॉग
    मई 10, 2018 रुद्राष्टकम् के चमत्कारी प्रयोग Tweet  यदि ग्रहण में रुद्राष्टक सिद्ध कर लिया जाय तो इसका प्रभाव तत्काल देखने को मिलता है । ग्रहण शुरु होने के पहले स्नान करके आसन पर बैठ जायें । ग्रहण लगते ही पाठ आरम्भ कर दें । और ग्रहण समाप्ति तक पाठ करें । इससे रुद्राष्टक सिद्ध हो जायेगा… और पढ़ें