विलक्षण हनुमद्विग्रह

 

यह सिद्ध हनुमद्विग्रह काले पाषाण पर निर्मित है । नर्मदातट पर स्थित दत्तवाडा ग्राम के राममन्दिर में इनका दर्शन मुझे हुआ । उस गांव की स्थापना ४५० वर्ष पूर्व हुई थी और साथ ही मन्दिर का निर्माण भी । एक रिसर्च के अनुसार इस प्रकार के विग्रहों का निर्माण दूसरी शती तक ही हुआ था ।

#आचार्यसियारामदासनैयायिक

यह सिद्ध हनुमद्विग्रह काले पाषाण पर निर्मित है । नर्मदातट पर स्थित दत्तवाडा ग्राम के राममन्दिर में इनका दर्शन मुझे हुआ । उस गांव की स्थापना ४५० वर्ष पूर्व हुई थी और साथ ही मन्दिर का निर्माण भी । एक रिसर्च के अनुसार इस प्रकार के विग्रहों का निर्माण दूसरी शती तक ही हुआ था ।
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यह सिद्ध हनुमद्विग्रह काले पाषाण पर निर्मित है । नर्मदातट पर स्थित दत्तवाडा ग्राम के राममन्दिर में इनका दर्शन मुझे हुआ । विशिष्ट अनुभूति की बात सुनकर अर्चक ने मन्दिर में ले जाकर दर्शन कराया । उस गांव की स्थापना ४५० वर्ष पूर्व हुई थी और साथ ही मन्दिर का निर्माण भी ।

एक रिसर्च के अनुसार इस प्रकार के विग्रहों का निर्माण दूसरी शती तक ही हुआ था ।

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आचार्य सियारामदास नैयायिक श्रीरामानन्दाचार्यवेदान्तपीठाध्यक्ष जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, मदाऊ,पो0 भाँकरोटा , जयपुर, राजस्थान ईमेल:guruji@acharysiyaramdas.com: +91-8104248586, +91-9460117766

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